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6 Comments

  1. Literature Life
    April 13, 2018 @ 2:23 pm

    ग़ज़ल के भाव सुंदर हैं. मगर ग़ज़ल में बहर और क़ाफ़िये का ध्यान भी रखना होता है. उस पर थोड़ा और ध्यान दें.

    • Dolly Parihar
      April 15, 2018 @ 1:10 pm

      जी…धन्यवाद। ? आप मुझे बहर का मतलब समझा दीजिये। क्योंकि मैं नई हूँ अभी और मुझे पता नहीं है। ☺☺

      • Literature Life
        April 15, 2018 @ 8:11 pm

        डॉली, बहर का अर्थ मीटर होता है। ग़ज़ल के सभी अशआर एक ही मीटर में होने चाहिएँ।

  2. Dolly Parihar
    April 16, 2018 @ 7:11 am

    जी कोशिश करुंगी। धन्यवाद। ?☺

  3. Sandeep Nayyar
    April 16, 2018 @ 9:47 am

    वीनस केसरी जी (अंजुमन प्रकाशन वाले) की एक किताब है, ‘ग़ज़ल के बाबत’, देखिये यदि मिले तो ज़रूर पढ़ें.

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