3 Comments

  1. साहिंद साहिंद
    अप्रैल 24, 2018 @ 5:45 पूर्वाह्न

    किंडल के वाकई बहुत से लाभ हैं। लाइब्रेरी मेन्टेन करना आसान होता है। पुस्तक तुरन्त मिल जाती है। पुस्तकें ढोनी नहीं पड़तीं। और किताबें सस्ती भी मिलती हैं। पेपरबैक का बहुत अच्छा विकल्प।

  2. विवेक गुप्ता
    अप्रैल 24, 2018 @ 12:16 अपराह्न

    पढ़ते हुए मेरे मन में सवाल उठ ही रहा था कि काग़ज़ी किताबें तो हम बाँट भी सकते हैं कि आपने अपनी ट्रिक बताकर जवाब भी दे दिया।
    मेरी सबसे बड़ी दुविधा थी कि आँखें ख़राब हो जाएँगी, वह भी दूर हुई।
    ई-इंक तो आ ही गई है, बस किंडल में नई किताब की ख़ुशबू और डाल दी जाए, तो मज़ा आ जाए!!

    • अभिषेक सूर्यवंशी अभिषेक सूर्यवंशी
      अप्रैल 27, 2018 @ 7:34 पूर्वाह्न

      किंडल में किताब की खुसबू तो नहीं आ सकती है। लेकिन किताब की खुसबू में किंडल जरूर आ सकती है। आज तक की जो सबसे बेकार किताब आपने खरीदी हो और फेंकना चाहते हैं। या फिर एक नयी किताब। पसंद आपकी है। उस किताब के अंदर जगह बनाकर किंडल फिट कर दीजिये। यूट्यूब पर आपको ऐसा करने का तरीका मिल जाएगा। फिर किताब की खुसबू भी लीजिये और किंडल के मजे भी। 🙂

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