हर व्यवसाय की तरह साहित्य को भी एक अच्छे इकोसिस्टम की आवश्यकता है।  व्यवसाय का अर्थ यहाँ उद्यम है न कि साहित्य का व्यापार। साहित्य लेखन, अनुवाद, प्रकाशन, प्रसार, वितरण, समीक्षा, आलोचना आदि विभिन्न आयामों में अनेक लोग उद्यमरत हैं।  इन सबका आपस में जुड़ना और एक-दूसरे को जानना पहचानना बहुत ज़रूरी है ताकि वे एक दूसरे की सेवाओं का लाभ लेकर साहित्य के व्यवसाय को समृद्ध कर सकें। और इससे भी अधिक आवश्यक है इन सबका पाठकों से जुड़ना, क्योंकि अंततः साहित्य पाठकों के लिए ही है।  
साहिन्द का उद्देश्य एक ऐसा ही इकोसिस्टम बनाना है। साहिन्द एक माध्यम है जिसके ज़रिए लोग न सिर्फ एक दूसरे से जुड़ें, बल्कि अपनी खास पहचान भी बनाएँ। साहिन्द से जुड़ें, अपना प्रोफाइल बनायें, अपने हुनर और अपनी कलाओं का ज़िक्र करें। अपने काम और अपनी कृतियों की चर्चा करें। एक दूसरे की सेवाओं का लाभ लें। आएँ साहित्य और साहित्य के व्यवसाय को समृद्ध करें। 

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